कर्नाटक

SIR सुनवाई में बुजुर्गों को राहत, घर पर ही होगा वोटर वेरिफिकेशन

Kavita2
16 Sept 2026 1:11 PM IST
SIR सुनवाई में बुजुर्गों को राहत, घर पर ही होगा वोटर वेरिफिकेशन
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बेंगलुरु। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए नोटिस पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत दी गई है। अब ऐसे बुजुर्ग मतदाता घर बैठे ही अपना वेरिफिकेशन करा सकेंगे। चुनाव आयोग की ओर से दी गई इस सुविधा के तहत असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) स्वयं मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

यह सुविधा उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी, जिन्हें SIR सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस मिला है और जिनके लिए मतदान केंद्र या कार्यालय पहुंचना मुश्किल है।

घर जाकर करेंगे अधिकारी सत्यापन

चुनाव आयोग ने कुछ विशेष श्रेणी के मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई में शामिल होने से छूट देने का फैसला किया है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों के अलावा दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार, अस्पताल में भर्ती और विदेश में रहने वाले मतदाताओं को भी राहत दी गई है।

ऐसे मतदाताओं को अब अपनी स्थिति के अनुसार घर से ही सत्यापन की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए संबंधित अधिकारी मतदाता के निवास स्थान पर जाकर जरूरी दस्तावेजों और जानकारी का सत्यापन करेंगे।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता प्रक्रिया से बाहर न हों और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

43.81 लाख नोटिस जारी

SIR प्रक्रिया के दौरान बिना मैपिंग वाले मामलों और अन्य गड़बड़ियों से जुड़े कुल 43.81 लाख नोटिस जारी किए गए हैं।

इन मामलों में मतदाता सूची से संबंधित जानकारी, दस्तावेज और रिकॉर्ड के सत्यापन की जरूरत बताई गई है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों की सुनवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर तक इनमें से 12.56 लाख से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।

12 अक्टूबर तक चलेगी सुनवाई प्रक्रिया

SIR से जुड़े मामलों में अंतिम सुनवाई की तारीख 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखना है, ताकि योग्य नागरिकों के नाम सूची में बने रहें और गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके।

बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को राहत

चुनाव आयोग के इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्हें उम्र, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से व्यक्तिगत रूप से सुनवाई स्थल तक पहुंचने में परेशानी होती है।

कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए लंबी दूरी तय करना या कार्यालयों में उपस्थित होना मुश्किल होता है। ऐसे में घर पर सत्यापन की सुविधा उन्हें प्रक्रिया में शामिल रहने का अवसर देगी।

इसी तरह दिव्यांग और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मतदाताओं के लिए भी यह व्यवस्था सुविधाजनक मानी जा रही है।

विदेश में रहने वाले मतदाताओं के लिए भी व्यवस्था

चुनाव आयोग ने विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं को भी इस सुविधा के दायरे में रखा है। ऐसे मतदाता जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए अलग प्रक्रिया के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज रहें।

SIR प्रक्रिया का उद्देश्य

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा करना और उसमें मौजूद गलतियों को सुधारना है।

इस प्रक्रिया के दौरान पुराने रिकॉर्ड, मतदाताओं की जानकारी और दस्तावेजों का मिलान किया जाता है। यदि किसी मामले में जानकारी स्पष्ट नहीं होती या रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता है तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाता है।

इसके बाद सुनवाई के माध्यम से मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जाता है।

चुनाव आयोग ने बढ़ाई सुविधा

चुनाव आयोग की ओर से विशेष श्रेणी के मतदाताओं को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने का फैसला प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

आयोग का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया जरूरी है, लेकिन इसके कारण किसी वास्तविक मतदाता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

इसलिए जरूरतमंद लोगों के लिए घर पर सत्यापन की व्यवस्था की गई है।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को जरूरी दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

समय पर सत्यापन पूरा होने से मतदाता सूची को अपडेट करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, सही मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं की भागीदारी दोनों जरूरी हैं।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

फिलहाल SIR सुनवाई प्रक्रिया जारी है और 12 अक्टूबर तक विभिन्न मामलों की सुनवाई पूरी की जाएगी।

वरिष्ठ नागरिकों और अन्य विशेष श्रेणी के मतदाताओं के लिए घर पर सत्यापन की सुविधा लागू होने से उम्मीद है कि अधिक लोग बिना परेशानी के इस प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

चुनाव आयोग अब शेष मामलों की सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

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